Monthly Archives: March 2014

જતન

નફરત નહિ પણ મોહબબ્ત નાં જતન ફળ્યાં છે “કમલ” ઝાંઝવે થી પણ અમને રતન મળ્યાં છે … કડવે લીમડે પણ લીંબોળી નાં મધુર રસ ભળ્યા છે ટાઢા બોળ હિમાલયે પણ લાખો નાં પગ બળ્યા છે મૌન રહી અમે કાયમ બોલકા … Continue reading

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संयोग

निसर्ग को भी करना था कोई बिरह का प्रयोगकरा दिया कोड भरी कन्या को सैंया से वियोग रच दिया प्रणय की बेला में ही तड़पन का संयोग मधुरजनी का अभागन की हस्तरेखा में कहाँ योग सुहागण बन ना कर सकी सेंथे … Continue reading

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गुलदस्ता

तस्वीर को तेरी मन मंदिर बसाया है रूहानियत को तेरी इबादत गाह में सजाया है यादों को तेरी समेट के हमने गुलदस्ता बनाया है मिला जो राह में उन सब को गले लगाया है .. जिंदगी की सफ़र में ना किसी शख्श को … Continue reading

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કરૂણા

છું “કમલ” પ્રીત હું, હર દિલ માં મારું ધામ પ્રેમીઓ ને શીતળતા બક્ષવા નું કરું હું કામ  ભજે મીરાં ને રાધા બની તો મળું બની શ્યામપત્થર નો ઉદ્ધાર કરું થઇ પતિત પાવન રામ  જગત ના કણે – કણે, બધે ખૂણે કંડરાયું … Continue reading

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…… बहुत है !!!!

भले ना निभाई हो फिजूल रीत रस्में अपना बड़प्पन दिखाने किसी बिछड़े दिलों को मिला के आंसू पोंछा हो तो बहुत है  भले ना किया हो बड़ा भंडारा और दोस्तों के लिए मिजबानी घर पे आए हुए कोई भी भूखे इंसान को … Continue reading

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इन आँखों में

कुछ ख़्वाब हैं इन आँखों में .नहीं दिख रहे फिर भी कुछ आब है इन आँखों में कुछ बात छुपी है इन आँखों में , कुछ जज्बात चिंगारी की तरह सुलग रहे है इन आँखों में .. बहुत राझ समाये … Continue reading

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खजाना

दर्द तन्हाई का आसानी से सहा नहीं जाता ,खामोशियाओं का बोज उठाया नहीं जाता मिलते है इंसान इस सहरे में कभी कभी बिछड़ जाते हैं बेवजह, उन्हें भूलाया नहीं जाता हर किसी से अल्फ़ाज में बहा नहीं जाता राझ जिंदगी … Continue reading

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