Monthly Archives: August 2018

लिबास

Posted in दोस्ती और जिंदगी ..., हिन्दी | Leave a comment

क्या कहिए?!

Posted in "प्रेम का प्याला", हिन्दी | Leave a comment

क्या पाया हमने?

आ के करीब क्या पाया हमने … एक अच्छे रकीब को गँवाया हमने © कमलेश रविशंकर रावल

Posted in संवेदना, हिन्दी | Leave a comment

राज़

तुम खामोशी से बदला लेते रहे बिना कुछ बोले मैं भी चुपचाप मोहब्बत करता रहा बिना होठ खोले © कमलेश रविशंकर रावल

Posted in "प्रेम का प्याला", हिन्दी | Leave a comment

रस्में

कमल की कलम से मेरे छोटे भाई की धर्म पत्नी के देहावसान को आज 2 माह पूरे हुए है, 38 साल की उम्र में सब से माया लगा के चले जाना कितना तकलीफ देह है वो तो जिस को बितती … Continue reading

Posted in संवेदना, हिन्दी | Leave a comment

प्रवास

Posted in Uncategorized | Leave a comment

गुलजा़र

Posted in दोस्ती और जिंदगी ..., हिन्दी | Leave a comment