चाल्या क्यॉं तमे?

image.jpeg

Advertisements
Image | Posted on by | Leave a comment

नोटबंदी- नियत

Posted in देश मेरा ...., हिन्दी | Leave a comment

नोटबंदी 

Posted in देश मेरा ...., हिन्दी | Leave a comment

दीपावली 

Posted in दोस्ती और जिंदगी ..., हिन्दी | Leave a comment

ओस

image.jpeg

Image | Posted on by | Leave a comment

राष्ट्रभाषा

image.jpeg

Image | Posted on by | Leave a comment

अनमोल

image

Image | Posted on by | Leave a comment

सुकून

रातभर आज चॉंदनी को अपनी आग़ोश में समेटा जाएँआसमॉं की चद्दर बना के सुकून से उस पे लेटा जाएँ
लग रही है रजनी अनुपम, श्रृंगार कर के लावण्यमयी 

सितारों की ही साड़ी बुन के उस के बदन पे लपेटा जाएँ
मिल चूका है मतलबी रिश्तों से नफ़रत का ज़हर बहुत

आत्म मंथन कर के मोहब्बत का अमृत अब उलेटा जाएँ 
इंतज़ार किया है दुश्मन के दाँत खट्टे करने का लंबे अरसों से 

मिला है मौक़ा अब, मजबूत इरादों से उन पे झपेटा जाएँ 
सह लिया है मुल्क ने दहशतगर्दों को अमन की उम्मीद में 

नापाक ईरादे रखने वालों को क़ायम के लिए खदेड़ा जाएँ 
© कमलेश रविशंकर रावल कमल की कलम से

Posted in संवेदना, हिन्दी | Leave a comment