Category Archives: संवेदना

संवेदना इंसान में होती है जिन के दिल में मानवता के भावनाएं होती हैं…पत्थर दिल इन्सान जानवर जल्दी बन जाता हैं…हम पृथ्वी पर मानवीय भावनाओं को जागृत कर के पृथ्वी को स्वर्ग बना सकते हैं…!!

ओस

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सुकून

रातभर आज चॉंदनी को अपनी आग़ोश में समेटा जाएँआसमॉं की चद्दर बना के सुकून से उस पे लेटा जाएँ लग रही है रजनी अनुपम, श्रृंगार कर के लावण्यमयी  सितारों की ही साड़ी बुन के उस के बदन पे लपेटा जाएँ … Continue reading

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मोती

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वफ़ा

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प्रायश्चित

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शीतल

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अहसास

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