Category Archives: संवेदना

संवेदना इंसान में होती है जिन के दिल में मानवता के भावनाएं होती हैं…पत्थर दिल इन्सान जानवर जल्दी बन जाता हैं…हम पृथ्वी पर मानवीय भावनाओं को जागृत कर के पृथ्वी को स्वर्ग बना सकते हैं…!!

बहाना

नज़रों का मिलना तो सिर्फ एक बहाना था, परवाने को शमा के दर जलने ही जाना था, Advertisements

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સ્મરણ

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આરોપણ

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અરમાન

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क्या पाया हमने?

आ के करीब क्या पाया हमने … एक अच्छे रकीब को गँवाया हमने © कमलेश रविशंकर रावल

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रस्में

कमल की कलम से मेरे छोटे भाई की धर्म पत्नी के देहावसान को आज 2 माह पूरे हुए है, 38 साल की उम्र में सब से माया लगा के चले जाना कितना तकलीफ देह है वो तो जिस को बितती … Continue reading

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કોઈ તો હશે !

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