Category Archives: देश मेरा ….

सोने के चिड़िया था देश हमारा…सुवर्ण युग था भारत राष्ट्र का…हम कर्म को भूल गए….आलसी हो गए..बातूनी हो गए…भूल गए हम भगवान् शिव को जिन्हों ने समस्त ब्रह्मांड के कल्याण के लिए जहर पी लिया था… और सदैव संसार के माया से अलिप्त जीवन का अंतिम और सही निवास स्मशान को अपना घर बनाया..कैलास में बस के प्रकृति से अपना प्यार जताया , भौतिक सुख को उन्होंने कभी नहीं अपनाया, परिवार को उन्होंने कुदरत के गोद में बसाया …
वापस हमें देश को सोने के चिडिया बनाना है तो जीवन एम् हमें मूल्यों का निर्माण करना होगा …हमारा व्यक्तित्व पारदर्शी रखते हुए हर एक इंसान को ईश्वर का स्वरुप समझते हुए किसी भी प्रकार का भेदभाव पूर्ण व्यवहार से बचना होगा, “सर्वधर्म सम: सर्वधर्म मम:” के मंत्र द्वारा सारे धर्मो को उचित सन्मान देते है भातृभाव से जीना होगा और जीने देना होगा…!!

URI

हम #URI देख के खुशीयाँ मनाते रहे, वो #CRPF पे हमला करने का #plan बनाते रहे, हम #surgical #strike का गाना बजाते रहे वो #शहीदों की लाशों पे #दुश्मन को नचाते रहे हम #PDP के संग कश्मीर में अपनी सरकार … Continue reading

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गठरी

ख़्वाहिश है इतनी कि जिंदगी मेरी वतन के काम आए, और मरूँ तब माँ भारती तेरा तिरंगा कफन के काम आए जान की आहुतियाँ तो देते हैं बहुत अपने मक़सद के लिए, नमन उन्हें करता है जग, जो मानवता के … Continue reading

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सिलसिला

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विकास

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नोटबंदी- नियत

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नोटबंदी 

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राष्ट्रभाषा

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