Monthly Archives: May 2014

मुस्कराहट

मुस्कराहट सनम तेरी गजब की है…चहकते चहरे की चमक अजब की है खूबसूरती बिखेरी है मौला ने माशाल्लाह जरुरत बस एक नजाकत भरी नजर की है अंदाज का जलवा छा गया है जहां में तेरा करिश्मा की वजह सब के लिए नजफ़ की है शख्सियत … Continue reading

Posted in संवेदना, हिन्दी | Leave a comment

દીકરી

દીકરી તારા વિના મારા દિલ ને બોજ લાગે …ઉંચકી ને ચાંપુ હૈયે તો સ્વર્ગ ની મોજ લાગે ગુલાબ ની કલી ખીલતી નથી બગીચે કાયમ પણ તું અમારે આંગણે બારમાસી સમ રોજ લાગે નિર્દોષતા ભર્યા નિર્મળ બાપ- દીકરી નાં સંબંધો ખરેખર … Continue reading

Posted in संवेदना, ગુજરાતી | Leave a comment

सन्डे

सप्ताह भर की इन्तजार के बाद अाया था दोस्तों सन्डे …सोचा था पापा – मम्मी के साथ मिलके मनाऊँगी मैं फन-डे … सुबह ८ बजे पापा मोम को जगाते बोले डार्लिंग बना दो ना चायमोम नींद में ही बोली रविवार … Continue reading

Posted in Uncategorized | Leave a comment

આત્મબળ

ધરબી ને બેઠો છું ધધકતો દાવાનળ હ્રુદય માં સળગી રહ્યો છે વિરહ નો વડવાનળ હ્રુદય માંપ્રસરી રહી છે જ્વાલો ઓ નફરત તણી દશે દિશા એ બુઝાવવા રેડ્યું છે મોહબ્બત નું ગંગાજળ હ્રુદય માં સળગ્યું નભ તો’એ સૂકાયું નથી પ્રેમ નું એકેય પેડ,સીંચ્યું છે … Continue reading

Posted in प्रक्रुति और ईश्वर, ગુજરાતી | Leave a comment

सदाबहार

मिलता कहाँ है महबूब “कमल” सबको समझदार …बगिया ईश्क का कहाँ रहता है कायम सदाबहार …आते रहते हैं आंधी तूफ़ान और पड़ती है ज़माने की मार ..टूटते है साजिंदों के भी यहाँ दिल की ख्वाहिशों के तार प्रीत की डगर तो … Continue reading

Posted in Uncategorized | Leave a comment

मेहनतकश

बोज है अपनों की तकलीफों का खोज है सपनों की उम्मीदों का लड़ता हूँ लड़ाई घर-बाहर भीतर से करता हूँ चढ़ाई आलस की दीमक पे महेनत दौड़ती है खून बन के रगो में जान आ जाती है मेरे पसीने से शबो में अंत नहीं मेरी समस्या … Continue reading

Posted in दोस्ती और जिंदगी ..., हिन्दी | Leave a comment