Monthly Archives: February 2014

મરણ

દેહ ના છપ્પન કોઠે દીવડા થાય જ્યારે ભૂખ્યા ને નરણ મળે …લાગે ઈશ જ્યારે ભ્રમરે ફસાયેલા ને બચાવવા કોઈ તરણ મળે નથી જોતો રંગ કાળો- ધોળો મોહબ્બતે સચ્ચાઈ નો વરણ મળે તાડ ને પણ ઝુક્વું ગમે, શૈતાનો નાં ટોળા માં … Continue reading

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सहरा

पता है पास नहीं हो मेरे फिर भी तेरे ख्वाबों में सहलना अच्छा लगता है …दूर हो तब भी सपनो में साथ तेरे बैठ की बाहों में बहलना अच्छा लगता है उजड़ गई है मोहब्बत तब भी पाने खुश्बू यादों … Continue reading

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गुहार

ढूँढ लाओ, जल्दी जाओ जादू नगरी से कोई ऐसा फ़नकार मोहब्बत की कश्ती करा दे जिंदगी के तूफ़ानों से पार .. सुनता रहूँ प्रिया के कंगन की खनक और पायल की झंकार पल भर में छा जाए दिल पे कभी … Continue reading

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अपाहिज़

दोस्तों ऊँगली पकड़ के जिन हाथो ने हमें बचपन -जीवन में सब को चलना शिखाया … कर दिए हमने क्यूँ अपाहिज़ उन हाथों कॉ, जब छायी है उन बे-सहारों पे बुढ़ापे की छाया?    नौ नौ महीने जिगर का टुकड़ा … Continue reading

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दोस्ती का जाम

चलो आज किसी सहरा में खुले मन से बरस जाएँ….चलो आज किसी बे-दर्दी पे बिना बजह तरस जाएँ .. चलो आज किसी रूठे हुए को गले मिल से फिर मनाएँ…चलो मेहमाँ बन लेते हैं आज किसी के घर बिन बुलाएँ… … Continue reading

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उषा

सुबह सवेरे सुमन सौरभ प्रसराई…देखो रुमझुम नववधु हो उषा आई …,,,,, देखो रुमझुम उषा आईपौधों ने ली अल्हड अभिनव अंगड़ाईओसबिंदु मोतियन सी दे दिखाई ,,,,,, देखो रुमझुम उषा आई मंदमंद अनल अमिया पे अमराई खुश्बू जमीं से आसमाँ तक गई … Continue reading

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अमर प्रीत

तुम ही मेरा संगीत ..तुम ही मेरे होठों के गीत …कह दे मृगनयनी मोरी “कमल” तुम ही हो मेरे मीत.. शंका-कुशंका के शैतानो को करेंगे प्यार की लड़ाई में चित मोहब्बत, ईमान और वफ़ा से जिंदगी की हर जंग जाएंगे … Continue reading

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